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जन अभियान परिषद्
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समाज के समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने
हेतु शासन सदैव तत्पर रहा है। संगठनात्मक सीमाओं के भीतर यह सराहनीय प्रयास
भी अपने अंतिम उद्देश्य की प्राप्ति में अपर्याप्त रहे है । इस दिशा में
अपने व्यवस्थागत ढॉचे का अतिक्रमण कर शासन ने स्वैच्छिक संगठनों के
अस्तित्व को मान्यता दी है। जनता और सरकार के बीच सेतु के लिए स्वयंसेवी
संस्थाओं और सामुदायिक संगठनों को विकास की सशक्त इकाई के रूप में विकसित
करने के उद्देश्य हेतु ’’मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्‘‘ का गठन किया गया
है। यह परिषद् शासन को सलाह देने, सामुदायिक भागीदारी प्रोत्साहित करने,
स्वयंसेवी संस्थाओं से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी समेकित कर, नीतियों
के क्रियान्वयन के लिये एक समन्वयक अभिकरण के रूप में कार्य करेगी। म. प्र.
जन अभियान परिषद्, मध्यप्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के अंतर्गत
दिनांक 04.07.1997 को पंजीकृत की गयी है। संस्था का पंजीयन क्रमांक 4964/97
है। और अधिक जानें ...........
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ग्रामीण
विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। गाँवों में लोगों को
आवश्यकता की चीजें उपलब्ध हों साथ ही उनके पास रोजगार हो इसके लिए अनेक योजनाएँ
गाँवों में क्रियान्वित हो रही है। इन योजनाओं का लाभ लोगों तक पहचे यह
सुनिश्चित करना आज की सबसे बडी आवश्यकता है। ऐसा करना सिर्फ सरकार के द्वारा
संभव नहीं है। सरकार के साथ स्वयंसेवी संगठन और जनता की सक्रिय भागीदारी हो यह
भी जरूरी है, तभी गाँवों के संपूर्ण विकास का हमारी सरकार का सपना पूरा हो
सकेगा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की स्थापना का उद्देश्य यही है कि ग्रामीण
विकास के क्षेत्र में स्वयंसेवी संस्थाएँ और लोगों की भागीदारी हो । यह कार्य
बेहतर और प्रभावी हो, इस कार्य में परिषद् महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी ।
मुझे आशा है कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की सक्रियता से
हम गाँवों के विकास का हमारा जो लक्ष्य है उसे पूरा कर सकेगें ।
श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन
अध्यक्ष जन अभियान परिषद्
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विकास
का लक्ष्य तब तक अधूरा है जब तक हम अपने गाँवों का सर्वांगीण विकास नहीं करते ।
आज हमारे पिछडेपन के मूल में ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओंे का और
रोजगार के वैकल्पिक अवसर उपलब्ध न होना है इसलिए यह जरूरी है कि हम अपना पूरा
ध्यान गाँवों पर केन्दि्रत करें। यह अकेले सरकार करे यह संभव भी नहीं है इसलिए
यह जरूरी है कि निजी स्वयंसेवी संस्थाएँ जो ईमानदारी से गाँव गरीब लोगों के लिए
काम करना चाहती हैं वे और गाँव के लोग भी सरकार के साथ मिलकर काम करें ।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् का गठन इसी उद्देश्य से हुआ है। यह एक ऐसा सेतु है
जो सरकार, जनता और एन.जी.ओ के बीच समन्वय, समीक्षा और निगरानी की भूमिका में
रहेगा। जाहिर है इससे गाँवों में वास्तविक विकास का सरकार का लक्ष्य पूरा करना
आसान होगा । मुझे आशा है कि जन अभियान परिषद् पूरे प्रदेश में जन भागीदारी
का एक ऐसा वातावरण बनाएगी जो गाँव के विकास का एक नया इतिहास बनाएगा।
श्री राघव जी भाई मंत्री वित्त आर्थिक एवं सांख्यिकी
मध्यप्रदेश शासन एवं उपाध्यक्ष जन अभियान परिषद्
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एन. जी. ओ
अर्थात स्वयंसेवी संगठन । समय के साथ चलते- चलते इन शब्दों के संबंध में समाज
में जो धारणायें उभरी उसमें विश्वास भी है और विवाद भी। हमारे देश में इस विचार
की अवधारणा अति प्राचीन है। हजारों वर्ष पहले बाढ से पीडत वृदांवन व उसके
आस-पास के क्षेत्र में बसे जन व पशुधन के लिये गोवर्धन पर्वत उठाने की बात हो
या जमुना के जल में कालिया नाग के आंतक को सामप्त करने का विषय । राम का जन
सहयोग से सेतु निर्माण हो अथवा बुद्ध का जनसाधारण के लिये वाचनालय उपलब्ध कराना
। ये सभी प्रयास संयुक्त है । लोक के द्वारा किये गये प्रयत्न है । तब से आजतक
इस विषय में समाज की चेतना समान रही है । व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह सेवा
को केन्द्र में रखकर कार्य का विचार करतें है। लक्ष्य बनाकर, व मार्ग निश्चित
करतें है। साथ-साथ चलने का आव्ह्ान करते है। सभी कार्यं में मिलकर भाग लेते है।
लक्ष्य प्राप्त होने पर यश और कीर्ति का समयक वितरण कर सामूहिक आनंद लेते है।
स्वयंसेवी संगठन का विचार अपन आप में पवित्र है । संसाधन और सेवा कार्यों व
लक्ष्यों के वितरण का यह सबसे तेज और सरल माध्यम है। जन अभियान परिषद् परस्पर
जनसंगठनों में, केन्द्र-राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों व जनसंगठनों के मध्य
संवाद, समझ व संर्वधन के लिये मध्यप्रदेश की एक अभिनव पहल है। यह साथ विचार
करने का एक मंच भी है और साथ चलने के लिये एक ठोस धरातल भी। आईये हम साथ
चले, आगे बढें। आजादी के साठ साल बाद भी प्रदेश में छोर के अन्तिम बिन्दु पर
खडे व्यक्तियों तक उन सभी सुविधाओं को पहुचायें । मनुष्य होने के नाते जिन्हें
पाने का उनका अधिकार नैसर्गिक है उसे बढाना ठीक स्थान तक पहचाने का कार्य हम
स्वयंसेवी संस्थाओं का सहज सामाजिक कर्त्तव्य है।
श्री अनिल माधव दवे पूर्व उपाध्यक्ष जन अभियान परिषद्
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