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कार्यक्रम
नर्मदा सेवकों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

From :- State Office


जीवनदायिनी नर्मदा नदी की धार को समृद्ध करने के लिये दोनों तट पर पौधों का रोपण कर हरियाली से समृद्ध करने के लिये 5 जून से 20 जून तक पेड़ लगाओ यात्रा का शुभारंभ होगा। आगामी दो जुलाई को समाज के सभी वर्ग के लोग मिलकर 6 करोड़ पौधों का रोपण कर उनकी रक्षा का संकल्प लेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित नर्मदा सेवा यात्रा में उत्कृष्ट योगदान करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के सम्मान समोराह में दी।
श्री चौहान ने 11 दिसम्बर 2016 को अमरकंटक से नर्मदा सेवा यात्रा के प्रारंभ और 15 मई 2017 को अमरकंटक में समापन से जुडी स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह अदभुत यात्रा थी। पाँच माह की छोटी सी पहल ने विश्व के सबसे बडे़ नदी संरक्षण अभियान का रूप ले लिया। उन्होने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल सभी लोगों का नर्मदा परिवार बन गया है। यह परिवार भविष्य में और समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का 15 अगस्त को सार्वजनिक रूप से सम्मान किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्धि नर्मदा मैया की कृपा से है। उन्होंने जन-अभियान परिषद, नर्मदा सेवा यात्रा वाले 16 जिलों के कलेक्टरों, नर्मदा परिक्रमावासियों, संत समुदाय, मीडिया और नर्मदा भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नर्मदा मैया का जीवन बचाने के लिये नर्मदा सेवा मिशन बनाया गया है जो निरंतर काम करेगा। रेत का खनन पूरी तरह रोक दिया गया है। वैज्ञानिक खनन होगा। अब रेत खनन में ठेकेदारी नहीं होगी। रेत खनन का काम महिलाओं, मजदूरों के स्व-सहायता समूह, गरीब व्यक्ति, मजदूर करेंगे। इससे होने वाले लाभ में उनकी हिस्सेदारी होगी।
मध्यप्रदेश गौ-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद ने नर्मदा सेवा यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा स्वर्णिम मध्यप्रदेश की आधारशिला है। वन मंत्री डा. गौरीशंकर शेजवार, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पांडे, श्री वी.डी. शर्मा, डॉ. जामदार ने यात्रा को अनूठी, अ-विस्मरणीय एवं ऐतिहासिक बताते हुये अपने अनुभव सुनाये। मुख्यमंत्री ने नब्बे वर्षीय परिक्रमावासी माई का स्वागत किया। उन्होंने नर्मदा मैया की स्तुति में बनाये गये म्यूजिक वीडियो का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान, अमरकंटक, मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर, खंडवा, अलीराजपुर, बडवानी, देवास, सीहोर, रायसेन आदि जिलों से नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए नर्मदा सेवक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

म.प्र. जन अभियान परिषद्
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वृक्षारोपण की वेबसाईट का लोकार्पण

From :- State Office


मानव जाति का अस्तित्व बचाने नर्मदा तट पर होगा वृहद वृक्षारोपण वृक्षारोपण में जनभागीदारी की मुख्यमंत्री ने की अपील
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा सेवा यात्रा दुनिया में मानव के अस्तित्व को बचाने का महाअभियान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नदियों से वैज्ञानिक तरीके से रेत खनन की व्यवस्था की जायेगी। प्रदेश की खनन नीति को भी बदला जायेगा। रेत के मूल्य को नियंत्रित रखने की व्यवस्था की जायेगी। श्री चौहान मुख्यमंत्री निवास में नर्मदा सेवा मिशन की वृक्षारोपण में जनभागीदारी के लिये पंजीयन वेबसाईट के लांचिग कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने वेबसाईट का लोकार्पण किया तथा नर्मदा मैया की जय के साथ वृक्षारोपण के लिये उपस्थितों को संकल्पित करवाया। अभियान से जुड़ने के इच्छुक व्यक्ति वेबसाईट पर पंजीयन करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण और विकास में संतुलन जरूरी है। निर्माण के लिये रेत के साथ नदियों का अस्तित्व भी जरूरी है। नदियों से सिल्ट उठाने के लिये जितना आवश्यक है, उतना ही उत्खनन हो। ऐसे प्रबंध किये जायेंगे। मशीनों से रेत उत्खनन पूर्णत: बंद किया गया है। उत्खनन पर खनिज निगम का नियंत्रण होगा। वही उसका मूल्य भी निर्धारित करेगा ताकि गरीबों को मकान बनाने के लिये सस्ती दर पर रेत की आसान उपलब्धता हो। ठेके से रेत उत्खनन व्यवस्था को बदला जायेगा। उत्खनन कार्य मजदूरों से होगा। महिलाओं और युवाओं के स्वसहायता समूह ही उत्खनन करेंगे, जिनको माइनिंग कार्पोरेशन रेत के विपणन से होने वाला लाभांश बोनस के रूप में देगा। इससे उत्खनन से मिलने वाला पैसा जो अभी चंद ठेकेदारों की जेब में जाता है, वह लाखों गरीब मजदूर परिवारों को मिलने लगेगा।
उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा मिशन के तहत हर वर्ष वृहद वृक्षारोपण किया जायेगा। आगामी दो जुलाई को नर्मदा के तट और संपूर्ण कैचमेंट एरिया में वृक्षारोपण किया जायेगा। वन, राजस्व भूमि में वन प्रजाति और निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाये जायेगें। पेड़ों को जिंदा रखने के सभी जरूरी कार्य किये जायेंगे। इसके साथ ही ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर मल-जल को नर्मदा की विपरीत दिशा में ले जाया जायेगा। उसे रि-सायकल कर बागानों, खेतों आदि में छोड़ा जायेगा। धर्म-प्रमुखों ने पूजन-विधि भी बदली है। पूजन-सामग्री विर्सजन के कुंड भी बन रहे है। जैविक खेती को बढ़ाया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा सेवा अभियान को अन्य नदियों पर भी लागू किया जायेगा। इसे पर्यावरण के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभियान जनता का है, उसे ही आगे रहना होगा। अभियान में सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि नदी पर्यावरण संरक्षण के इस महायज्ञ में आहूति देने के लिये आगे आयें। मुख्यमंत्री ने जन-जागृति की अलख जगाने का आव्हान किया तथा कहा कि आगामी दो जुलाई को पौधरोपण करने वालों का ऐसा मेला लगे, जिसे देख देश-दुनिया चमत्कृत हो जाये। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा मिशन धरती को बचाने का अभियान है। धरती का जिस तेजी से तापमान बढ़ रहा है, उसे यदि नियंत्रित नहीं किया गया तथा चंद भौतिक सुविधाओं के लिये प्रकृति के साथ अंधाधुन्ध छेड़छाड़ नहीं थमी तो, यह भविष्य की पीढ़ी के लिये कब्र खोदने जैसा होगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ नर्मदा सेवा मिशन के प्रथम स्वयं सेवक के रूप में http://www.namamidevinarmade.mp.gov.in पर पंजीयन करवाया।
वन मंत्री डॉ.गौरी शंकर शेजवार ने कहा नर्मदा सेवा अभियान को अपार जन सर्मथन मिला है। इससे यह दुनिया का सबसे बड़ा नदी संरक्षण अभियान बन गया। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा नर्मदा नदी की धारा को अविरल और नदी को निर्मल बनाने का अभियान है। धारा को अविरल बनाने का वैज्ञानिक कार्य 2 जुलाई को पौध-रोपण से होगा। रोपण के लिये आवश्यक 6 करोड़ पौधों की व्यवस्था है। वन विभाग ने वन-प्रजाति के और उद्यानिकी विभाग ने फलदार पौधों की शासकीय-अशासकीय नर्सरियों में उपलब्धता करा ली है। पौध-रोपण के लिये जून माह में गढ्ढे खोदने का कार्य किया जायेगा। पेड़ों की सुरक्षा और जीवितता के सभी आवश्यक कार्य किये जायेंगे। पशुओं से रक्षा के लिये फेसिंग और चौकीदार रखें जा सकेंगे। यह अभियान दुनिया में वृक्षारोपण का कीर्तिमान बनायेगा।
जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री राघवेंद्र गौतम ने कहा कि माँ नर्मदा को हरियाली चुनरी ओढ़ाने के लिये 6 करोड़ पौधों का रोपण समाज के माध्यम से 2 जुलाई को होगा। उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डे ने आभार व्यक्त किया।
वेबसाइट लांचिंग कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, राज्य खनिज निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, सांसद श्री भागीरथ प्रसाद, संगीतज्ञ सुश्री दुर्गा जसराज , गायत्री परिवार के डॉ. शंकर पाटीदार, सागर ग्रुप के श्री पी.एस.राजपूत, एल.एन.सी.टी. के श्री अमित उपाध्याय, आर.के.डी.एफ. के श्री योगीराज सिंह, नर्मदा सेवा समितियों, कृषि स्नातक संघ,एन.सी.सी.,एन.एस.एस., स्काउट एण्ड गाइड आदि के प्रतिनिधि एवं सदस्य उपस्थित थे।

म.प्र. जन अभियान परिषद्

स्वैच्छिक संगठन संवाद-२०११

स्थान :- शासकीय गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बरखेड़ा (जंबूरी मैदान के पास, भोपाल)

  • दिनांक :- १८/११/२०११

  • समय :- प्रातः ११ बजे से दोपहर ३.३० बजे तक

म.प्र. शासन के अनेक अभिनव प्रयासों में एक और विशिष्ट सोपान जुड़ रहा है। संपूर्ण प्रदेश के स्वैच्छिक संगठनों एवं प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों को शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं, बेटी बचाओं अभियान एवं प्रदेश के समग्र विकास में उनकी भूमिका, उनसे अपेक्षाएँ, सूचना संप्रेषण एवं क्षमता संवर्धन पर स्वैच्छिक संगठन संवाद-२०११ आयोजित किया जा रहा है।
  • सूत्र वाक्य 
    १. विकास में जन भागीदारी 
    २. समाज का उद्धार - जन भागीदार 
    ३. समाज का उद्धार - जन जन भागीदार
  • उद्‌देश्य 
    पूरे प्रदेश के स्वैच्छिक संगठनों वं जन अभियान परिषद्‌ की समितियों की बेटी बचाओं अभियान एवं अन्य शासकीय योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन में भूमिका, अपेक्षाओं, सूचना संप्रेषण एवं क्षमता संवर्धन पर संवाद।

  • कार्यक्रम की रूपरेखा
  • पूरे प्रदेश में ५ हजार सक्रिय स्वैच्छिक संगठनों सहित जन अभियान परिषद्‌ की समितियों के कुल ३५-४० हजार प्रतिभागी शामिल होंगे।
  • जंबूरी मैदान पर उनके रूकने, आनुषांगिक प्रयोजनों, पार्किंग, भोजन पैकेट वितरण की व्यवस्था।
  • कार्यक्रम स्थल - गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बरखेड़ा का प्रांगण।
  • जन अभियान परिषद्‌ द्वारा एक प्रदर्शनी, जिसमें परिषद्‌ के नवाचारों का प्रदर्शन।
  • म.प्र. के समग्र विकास से संबंधित एक प्रदर्शनी, जिसमें सभी विभागों की प्रतिभागिता।
  • बेटी बचाओं अभियान से संबंधित एक प्रदर्शनी।
  • प्रथम खण्ड - प्रतिभागियों के Value Addition के लिए उद्‌देश्य अनुरूप प्रबोधन एवं साहित्य वितरण। (समय लगभग १.३० घंटे)
  • द्वितीय खण्ड - माननीय मुखयमंत्री जी एवं अन्य वरिष्ठजनों का आगमन एवं तीनों प्रदर्शनियों का अवलोकन तत्पश्चात प्रतिभागियों से संवाद एवं प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान। (समय लगभग १.३० घंटे)
  • तृतीय खण्ड - कार्यक्रम के उद्‌देश्य पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम।

  • और अधिक जानें ...........

    प्रदेश विकास के लिए समाज को खड़ा करना होगा - श्री चौहान

    रवीन्द्र भवन में आओ बनाएं अपना मध्यप्रदेश पर कार्यक्रम का आयोजन

    भोपाल/25 अप्रैल 2011

    प्रदेश का विकास तब तक नहीं हो सकता जब तक उसमें समाज शामिल न हो। प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए समाज को खड़ा करना होगा और समाज को खड़ा करने का उपकरण है म.प्र. जन अभियान परिषद्‌। यह बात प्रदेश के मुखयमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जन अभियान परिषद्‌ द्वारा आयोजित आओं बनायें अपना मध्यप्रदेश पर आयोजित कार्यक्रम में रवीन्द्र भवन सभागार में २५ अप्रैल २०११ को कही। उन्होंने जन अभियान परिषद्‌ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जन अभियान परिषद्‌ ने गाँव-गाँव में काम खड़े किये हैं। जन अभियान परिषद्‌ की प्रस्फुटन समितियों ने पूर्ण सी.एफ.एल. गाँव बनाये हैं। बिजली चोरी रोकने का प्रयास किया है, गाँवों को नशामुक्त किया है। जन संरचनायें खड़ी की हैं। वृक्षा रोपण का सफल प्रयास किया है। इसीलिये सरकार द्वारा आयोजित जलाभिषेक अभियान, स्कूल चलें हम अभियान, खरीफ अभियान और स्पर्श अभियान में जन अभियान को प्रमुख भूमिका निभानी है।
    श्री चौहान ने आह्वान किया कि जन अभिषेक अभियान में जल की एक-एक बूंद को बचाना है। चेकडेम, स्टॉप डेम, बोरी बंधान, खेत में तालाब बनाकर जल रोकने का प्रयास करना है। श्री चौहान ने चारों अभियानों पर बोलते हुये कहा कि स्कूल चलें हम अभियान में ऐसे जुटना है कि एक भी बच्चा स्कूल जाने से वंछित न रहे। कृषि का उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि महोत्सव आज से ही शुरू करना है। खरीफ की फसल को डेढ गुना बढ आना है। उसके लिए यथोचित प्रयास किये जायेंगे। परम्परागत खेती के अलावा, जैविक खेती, वन फूलों की खेती, सब्जियों की खेती, औद्योगिक खेती को बढ आने के साथ प्रदेश को श्वेत क्रांति की ओर ले जाना है। स्पर्श अभियान मानवीय अभियान है। समाज के निःशक्त जनों के लिए चलो जलायें दीप वहां जहां अभी अंधेरा है, उनके जीवन में स्पर्श अभियान से रोशनी लाना है।
    मुखयमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए जरूरी है कि सरकार और समाज मिलकर कार्य करें। जन अभियान परिषद्‌ और स्वयं सेवी संस्थायें ऐसे लोगों को आगे बढ़ायें जो मिशन के रूप में समाज की सेवा के लिये तत्पर हो। समाज में ऐसी सोच विकसित की जाए जो सामूहिकता, सहभागिता पर कार्य करें।
    उन्होंने नशामुक्ति को लेकर घोषणा की कि मध्यप्रदेश की धरती पर नई शराब की दुकान नहीं खुलने दी जायेगी। अन्त में श्री चौहान ने जन अभियान परिषद्‌ के समन्वयकों और स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि आप लोग काम के लिये प्रतिबद्ध हैं, कटिबद्ध हैं, संकल्पबद्ध हैं। आपको स्वर्णिम मध्यप्रदेश निर्माण में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करना है।
    भविष्य में जन अभियान परिषद्‌ निभायेगा महत्वपूर्ण भूमिका - श्री राघवजी भाई
    वित्त, योजना आर्थिक एवं सांखियकी विभाग मंत्री एवं म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ के उपाध्यक्ष श्री राघवजी भाई ने कहा कि आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश के तहत जो चार महाभियान (जलाभिषेक अभियान, स्कूल चलें हम अभियान, खरीफ अभियान और स्पर्श अभियान) चलाए जा रहे हैं उनमें म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जन अभियान परिषद्‌ ने हरियाली को लेकर किये जाने वाले वृक्षा रोपण में महती भूमिका का निर्वहन किया है। जिसके परिणाम सामने हैं। कार्य को पूर्ण रूप से सफलता तब तक नहीं मिल पाती जब तक कि वह सैद्धांतिक रूप से न किये जाये। साथ ही उन्होंने म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की।
    प्रदेश के विकास के लिए जन अभियान परिषद्‌ नींव का पत्थर- श्री गोपाल भार्गव
    म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ द्वारा आज रवीन्द्र भवन में आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्‌घाटन अवसर पर मुखय अतिथि सामाजिक न्याय एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश के विकास, तरक्की और समृद्धि के लिए म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ नींव का पत्थर साबित हो रहा है। आज सरकार द्वारा आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश के तहत जो चार महाभियान चलाए जा रहे हैं उनमें म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ की महत्वपूर्ण भूमिका साबित होगी।
    श्री भार्गव ने कहा कि मुखयमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की इच्छा है कि प्रदेश में प्रगति का ऐसा खाका तैयार हो जिसका दूसरे राज्य अनुसरण करें। श्री भार्गव ने जलाभिषेक अभियान पर बोलते हुए कहा कि जल संरक्षण हेतु हमने बहुत कुछ किया है लेकिन अभी भी हम लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकें हैं। इसके लिए हम सबको आगे आकर और अधिक कार्य करने हैं। वहीं स्कूल चलें हम अभियान की रूपरेखा पर उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में राज्य में एक भी बच्चा शाला में अप्रवेशी न रहे और यह सिर्फ सरकार के भरोसे नही हो सकता। इसके लिए जन भागीदारी की जरूरत है। इस अभियान को सतत चलाने की आवश्यकता है।
    खरीफ महाभियान पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में खरीफ फसलों का उत्पादन डेढ़ गुना करने पर प्रयास करना है। इसके लिए गाँव स्तर पर अभियान चलाकर जागरूकता की आवश्यकता है। इसमें म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ की भूमिका अग्रणी रहेगी। इसके अलावा श्री भार्गव ने स्पर्श अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि इस अभियान के तहत जिलों व विकासखण्ड स्तर पर शिविर लगाकर ऐसे लोगों का चिन्हांकन करना है जो विकलांग हैं और जिन्हें सरकारी मदद की जरूरत है। इसके तहत आम आदमी को जोड ना है। यह कार्य म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ से बेहतर कोई नही कर सकता। अंत में श्री भार्गव ने कहा कि इन सभी महाभियानों में म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ सहयोगी बने। राज्य सरकार किसी भी प्रकार की कमी नही आने देगी। इस अवसर पर श्रीमती अर्चना चिटनीस स्कूल शिक्षा मंत्री, डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया कृषि मंत्री, श्री अजय विश्नोई पशुपालन मंत्री भी उपस्थित थे।
    स्वरूप बदलने के लिए दृष्टि होनी चाहिए - श्री पाण्डेय
    इससे पहले कार्यक्रम के स्वागत भाषण में म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश के स्वरूप को बदलने के लिए दृष्टि की आवश्यकता है। इसमें हमारी क्या भूमिका हो सकती है इस पर विचार करने की जरूरत है। श्री पाण्डेय ने कहा कि आज की इस कार्यशाला में यही बात निकलकर आएगी। हमारी प्रवृत्ति ग्रहण करने की होनी चाहिए। उन्होंने मुखयमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के स्वर्णिम म.प्र. निर्माण के संकल्प पर बोलते हुए कहा कि इन चारों अभियानों के तहत हम प्रदेश का स्वरूप बदलेंगे। इस मंच से मिलने वाले मार्गदर्शन हमारे लिए प्रेरणादायी होंगे।

    कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जन अभियान परिषद्‌ की महत्वपूर्ण भूमिका - श्री के. सुरेश
    योजना एवं सांखियकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री के. सुरेश ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जलाभिषेक, स्कूल चलें हम, खरीफ और स्पर्श अभियानों के सफल क्रियान्वयन में म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ की महत्वपूर्ण भूमिका साबित होगी। इन अभियानों के माध्यम से गाँव समृद्ध होंगे व विकास का नया इतिहास रचा जाएगा।
    स्वर्णिम मध्यप्रदेश निर्माण के लिए चलाये जा रहे आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश महा अभियान को गति देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में जल अभिषेक अभियान, स्पर्श अभियान, स्कूल चलें हम अभियान, खरीफ अभियान के तहत अभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।
    उल्लेखनीय है कि आगामी माह में चलाये जाने वाले इन महत्वपूर्ण अभियानों के मध्य समन्वय हेतु जन अभियान परिषद्‌ को दिशा निर्देश दिये गए। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ की कार्ययोजना को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर जलाभिषेक अभियान पर श्री उमाकांत उमराव, संचालक राजीव गाँधी जल ग्रहण क्षेत्र, स्पर्श अभियान पर श्री एच.एल. त्रिवेदी आयुक्त पंचायत राज, स्कूल चलें हम अभियान पर श्री मनोज झालानी आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र एवं खरीफ अभियान पर डॉ. डी.एन. शर्मा संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास ने पावर पाईन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से संबंधित विभागों की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ के सभी संभाग, जिला, एवं विकासखण्ड समन्वयक और स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    सम्पादक ज.अ.प.

    म.प्र. जन अभियान परिषद्‌

    भोपाल

    म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ की शासी निकाय की बैठक सम्पन्न

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ की शासी निकाय की बैठक विधानसभा समिति कक्ष क्रमांक १ में दिनांक २९.३.२०११ को आयोजित की गई। बैठक में परिषद्‌ के कार्यों प्रस्फुटन, समृद्घि, संवाद, नवांकुर तथा विस्तार कार्यक्रमों की प्रगति का विवरण दिया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री व अध्यक्ष, म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ ने प्रगति प्रतिवेदन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद्‌ द्वारा किये जा रहे अच्छे कार्यों की संभाग व जिलों से भी जानकारी मिलती रहती है। उन्होंने प्रस्फुटन समितियों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन समितियों को "आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश '' कार्यक्रम में मुख्य भूमिका का निर्वहन करना चाहिए

    • मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ द्वारा गठित प्रस्फुटन समितियों के कार्यों को सराहा।
    • आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश कार्यक्रम में प्रस्फुटन समितियों को मुख्य भूमिका निर्वहन करने के निर्देश।
    • जन अभियान परिषद्‌ को 82000 बहुविकलांगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने व बच्चों का शाला में प्रवेश एवं नियमितिकरण में सहयोग करने के निर्देश।
    • प्रस्फुटन समितियों को जल संरक्षण अभियान से जोडा जायेगा।
    • स्वैच्छिक संगठनों हेतु ड्राफ्ट पालिसी को अनुमोदन उपरांत केबीनेट में रखे जाने की स्वीकृति प्रदाय।
    • प्रदेश की पंजीकृत सक्रिय व निष्क्रिय स्वैच्छिक संगठनों का चिन्हांकन व दस्तावेजीकरण के निर्देश।
    • तय मापदण्डों अनुसार स्वैच्छिक संगठनों के प्रत्याययन करने के निर्देश दिये गये।
    • हर तीसरे माह में मुख्यमंत्री म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ के कार्यों की समिक्षा करेंगे।

     

    एक वर्ष में 50 करोड़ के कार्य किये जन अभियान परिषद् ने " - श्री पाण्डे

    म.प्र. जन अभियान परिषद् के नव नियुक्त उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डे ने म.प्र.जन अभियान परिषद् के कार्यों को बताते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रदेश में 50 करोड़ रुपये के कार्य हुए हैं । जो सामूहिक्ता और जन भागीदारी की मिसाल है। उन्होंने कहा कि म.प्र.जन अभियान परिषद् की भूमिका समाज के सामने आयी है। प्रदेशवासी इसके माध्यम से होने वाले कार्यो से प्रभावित होकर स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि सरकार ने जो दायित्व उन्हें दिया है उसका वह बखूबी निर्वहन करेंगें।

    अभी तक शासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच दूरी रहती थी। शासन द्वारा जन अभियान परिषद् के गठन के पश्चात यह दूरी समाप्त होगी और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा । यह बात भोपाल कलेक्टर श्री शिवशेखर शुक्ला ने 9 सितम्बर 2009 को जिला स्तरीय स्वयंसेवी संस्थाओं और शासन के मध्य समन्वय के लिए आयोजित बैठक में कही। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं से जन अभियान परिषद् को भी जोडा जाए और सभी शासकीय विभाग स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यों की सूचना जन अभियान परिषद् को दें ।

    श्री शुक्ला ने आगे कहा कि अच्छे स्वयंसेवी संस्था की पहचान बहुत जरूरी है। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अब वे ही संस्थाएँ काम करेंगी जो वास्तविकता में सेवाकार्य करना चाहती हैं ।

    बैठक को संबोधित करते हुए संभाग समन्वयक श्री प्रवीण पाठक ने जन अभियान परिषद् की अवधारणा व भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला व उपस्थित प्रतिनिधियों के प्रश्नों का उत्तर दिया, तत्पश्चात श्री दीपक सक्सेना अपर कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भोपाल ने पूर्व में 29/07/2009 को आयोजित बैठक की समीक्षा व अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की ।

    बैठक के अंत में संभाग समन्वयक म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा जिला कलेक्टर व अपर कलेक्टर को स्मृति चिन्ह के रूप में 1857 के स्वांतत्र्य समर पुस्तक भेंट की गई । बैठक का संचालन व आभार प्रदर्शन म.प्र. जन अभियान परिषद् के जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय द्वारा किया गया ।

    स्वयंसेवी संगठनों का संभाग स्तरीय सम्मेलन

    म.प्र. जन अभियान परिषद् स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ कार्यशालाएँ व बैठके आयोजित कर सहयोग का समागम करती रही है । परिषद् द्वारा स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ बैठकों के आयोजन का मूल उद्देश्य प्रशासन व स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है ताकि जनहित से जुडे कार्यों में स्वयंसेवी संस्थाओं की जमीनी समझ, क्षमताओं का उपयोग व भूमिका सुनिश्चित हो सके । इसी सिलसिले को आगे बढाते हुए रीवा संभाग के स्वयंसेवी संगठनों के साथ एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया । 24 अगस्त 2009 को पंडित शम्भुनाथ शुक्ल सभागार में आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता रीवा संभाग के कमिश्नर डॉ. रवीन्द्र पस्तौर ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में ए.पी.एस. विश्वविद्यालय रीवा के कुलपति डॉ. शिवनारायण यादव, म.प्र. जन अभियान परिषद् के अशासकीय सदस्य श्री योगेश ताम्रकार उपस्थित रहे । बैठक में 432 स्वयंसेवी संगठनों के लगभग 550 प्रतिनिधि शामिल हुए ।

    बैठक में संभाग आयुक्त ने कहा कि आम आदमी तक शासकीय योजनाओं व सुविधाओं को पहुँचाने के लिए स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है । स्वयंसेवी संगठन संभाग की तकदीर तथा तस्वीर दोनों बदल सकते हैं । उन्होंने बताया कि “केवल शासकीय विभागों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों का लाभ आम आदमी तक पहुँचना संभव नहीं होता क्योंकि शासकीय विभागों की अपनी सीमाएँ हैं । डॉ. पस्तौर ने कहा कि शासकीय योजनाओं में अशासकीय संस्थाओं की भागीदारी बढाई जाएगी तथा उन्हें सशक्त बनाया जाएगा । म.प्र. जन अभियान परिषद् शासन तथा स्वयंसेवी संगठनों के बीच एक सेतु के रूप में कार्यरत है । जन अभियान परिषद् के माध्यम से शासन तथा जनता के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है ।”

    म0प्र0 जन अभियान परिषद जिला पन्ना 
    ग्रामीण जागरूकता की पहल- विभागीय शिविर

    म.प्र. जन अभियान परिषद द्वारा सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में प्रस्फुटन योजनान्तर्गत ग्राम में स्वेच्छिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को सामूहिक रूप से कार्य करने हेतु प्रेरित करने के लिए ग्राम स्तर पर प्रस्फुटन समितियों का गठन किया गया।

    पन्ना जिले मंे गठित प्रस्फुटन समितियों द्वारा परिषद की अवधारणा के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता, संस्कार आदि विषयों पर ग्राम स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिले के जिला समन्वयक के दायित्व के चलते क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की आयोजित बैठक में मेरे द्वारा पाया गया कि परिषद की समग्र ग्राम विकास की अवधारणा को साकार करने के लिए ग्रामीणों को जागरूक एवं स्वावलंबी होना आवश्यक है, एवं ग्रामीणों में जागरूकता के लिए उनकी दिनचर्या में सम्मिलित आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु संचालित शासकीय विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्राम स्तर पर ही दी जाना आवश्यक है। विकासखण्ड समन्वयकों से चर्चा में ग्राम स्तर पर जागरूकता प्रशिक्षण, समस्या निदान शिविर, परामर्श एवं उपचार शिविर, ग्रामीणों की आवश्यकता समय एवं परिस्थिति के अनुसार आयोजन पर सहमति बनी।

    माह जून 09 के अंतर्गत पन्ना में विभागीय अधिकारियों से समन्वय कर कुल 5 में से 4 विकासखण्डों में 32 कृषि प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर एवं 7 स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार शिविर प्रस्तावित करते हुये सफल एवं प्रभावी आयोजनों की पहल शुरू की गई। यद्यपि समय परिस्थितियों, प्रशिक्षक अधिकारियों की विभागीय व्यस्तताओं के कारण प्रस्तावित शिविरों में से कुल 13 कृषि जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर, 05 स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार शिविरों एवं 2 ग्रामों में ग्रामीण महिलाओं की एकीकृत बाल विकास परियोजना की जानकारी बैठक का आयोजन माह में सफलतापूर्वक संभव हो सका।

    कृषि प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर - समस्त विकासखण्डों में खरीफ की शुरूआत के पहले दिनांक 13.06.09 ग्राम धवारी में 50 एवं ग्राम बनौली में 50, दिनांक 17.06.09 को ग्राम अमुआ में 65 एवं ग्राम सिमरिया में 25, दिनांक 18.06.09 को ग्राम गिधौड़ा में 110, दिनांक 19.06.09 को ग्राम मिहिलवारा में 35 दिनांक 21.06.09 को ग्राम देवगांव में 70 एवं ग्राम सुनवानीकला में 50, दिनांक 22.06.09 को ग्राम सलैया में 55, दिनांक 27.06.09 को ग्राम उमरिया में 30, दिनांक 29.06.09 को ग्राम मोहली धरमपुरा में 20 एवं ग्राम पड़ेरी में 70 तथा दिनांक 30.06.09 को ग्राम सिंघासर में 30 कृषकों को कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्राम स्तर पर उन्नत एवं जैविक कृषि तथा कृषि विभाग की योजनाओं से प्रशिक्षित किया गया।

    स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार शिविर - समस्त विकासखण्डों में ग्रीष्म ऋतु के खत्म होने एवं वर्षा ऋतु की शुरूआत में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए दिनांक 03.06.09 ग्राम गिधौड़ा में 308, दिनांक 16.06.2009 को ग्राम देवगांव में 250, दिनांक 24.06.09 को ग्राम पटोरी में 140, दिनांक 26.06.09 को ग्राम मुड़वारी में 125 एवं दिनांक 29.06.09 को ग्राम बराछ में 240 ग्रामीणों को विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा सहयोगी दलों के द्वारा प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वितरित करने का कार्य प्रस्फुटन समूहों के माध्यम से किया गया।

    ग्रामीण महिलाओं की एकीकृत बाल विकास परियोजना की जानकारी बैठक - दिनांक 09.06.2009 को ग्राम गजना में 30 महिलाओं एवं दिनांक 15.06.09 को ग्राम उमरिया में 27 महिलाओं की उपस्थिति में आंगनबाड़ी में एकीकृत बाल विकास परियोजना की पर्यवेक्षक द्वारा आंगनबाड़ी से संचालित योजनाओं एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी से महिलाओं को प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया।


 
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