Old Website
मुख्य पृष्ठ
यूज़र लॉगिन

परिकल्पना

समाज का समग्र विकास एक सामूहिक प्रयास है। इसी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए अनेक स्वयंसेवी संस्थाएँ विभिन्न क्षेत्रों में लगन व तत्परता से कार्यरत रही हैं। शासन व इन संस्थाओं का मूल उद्देश्य एक होते हुए भी, दोनों के कार्य सदैव समानांतर रहे हैं। म.प्र. शासन ने इस अंतर के बीच छिपी अनंत संभावनाओं व शक्ति को महसूस किया और शासन व स्वयंसेवी संस्थाओं को एक साथ, एक मंच पर लाने का अभिनव प्रयास किया, जिसे नाम दिया गया जन अभियान परिषद्।

परिषद् ने समाज की, आवश्यकता, क्षमता, भावना, दक्षता के आंकलन और अनुकूलन हेतु स्वयंसेवी संगठनों को उपयुक्त माना है। जन अभियान परिषद् का लक्ष्य है अपने में समाहित जन संगठनों के माध्यम से प्रदेश के एक-एक व्यक्ति तक पहुँचना। केवल समाज की अंतिम पंक्ति में खडे अंतिम व्यक्ति तक ही नहीं, बल्कि पर्वत कंदराओं और दर्गम वन प्रांतों में बसे उन वनवासियों तक भी जिन्हें अभी पंक्ति की परिभाषा का ज्ञान नहीं है।

म.प्र. जन अभियान परिषद् की मूल दृष्टि है स्थानीय ज्ञान, कौशल और परम्पराओं के साथ जनता को विकास अभियान से जोडना। जनता अपने ही ज्ञान को संजोए, आत्मविश्लेषण करें, आत्मनिर्भर हो, विकास करे और आत्मसम्मान का जीवन जीए। इस विकास अभियान में जन अभियान परिषद् पथ भी है और पथ-प्रदर्शक भी।

स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्य व महत्व को मान्यता देने का यह संभवतः पहला और अनूठा कदम है। सरकार और जनता के बीच सेतु के रूप में स्वयंसेवी संस्थाओं को संपूर्ण क्रांति का वाहक बनाना परिषद् का आधार स्वप्न है। इसीलिए परिषद् ने व्यवस्था और लोगों के बीच स्वयंसेवी जगत को खिवैया के रूप में निरूपित किया है। स्वयंसेवी संस्थाओं का आधार सेवा है और सेवा आत्मा से होती है। आत्मा से किये गए कार्य ही सबसे प्रामाणिक और खरे होते हैं। जन अभियान परिषद् की आत्मा जनकेन्द्रित है। परिषद् की दृष्टि में यह अभियान जन-विकास का पवित्र यज्ञ है। सामाजिक विकास के इस महायज्ञ की पूर्ण आहूति तभी होगी जब जन जुडे जन के लिए, जन-जन समिधा बनें। अपनी अनंत ऊर्जा के अंश से विकास के महायज्ञ को पूर्ण करे। ऐसा क्रांतिवाहक समाज ही सार्वभौमिक विकास का आरंभ है।


 
नवीनतम सूचनाएँ
त्वरित संपर्क
नाम :
फ़ोन न. :
ई मेल :
पता :
सुझाव / प्रश्न :
 
विशेष
महत्वपूर्ण विभागीय लिंक
 
Powered by IT'Fusion Best View Resolusion : 1024 x 768
Total Visits Online Count
All Copy Rights are Reserved @ MPJAP Best View Browser : IE6 , Chrome